मुक्तक

आज इस पल की एक आफत हुई है।
साथ मेरे थोड़ी शरारत हुई है।
यादों में कम, जिसे रटता हूं हर दम,
ऐसी गुज़ारिश एक चाहत हुई है।।
– शिवम राव मणि

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हेल्लौ मैँ हरिद्वार मेँ रहता हूँ और मुझे कविता लिखना पसंद है।
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