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मुक्तक

तेरे बगैर तन्हा हर रात हुआ करती है!
दर्द और तन्हाई से बात हुआ करती है!
आती हैं साँसें भी तेरी यादों को लेकर,
अश्कों की पलकों से बरसात हुआ करती है!

मुक्तककार- ‘#महादेव'(मात्रा भार 26)

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MITHILESH RAI
MITHILESH RAI
वाराणसी
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