मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

मेरी आरजू को मचलने दो!
रोशनी चाहतों की जलने दो!
ख्वाब नजर आये हैं ख्यालों में,
सरहदें साँसों की पिघलने दो!

#महादेव_की_कविताऐं'(18)

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Books: आगमन संदल सुगंध जीवंत हस्ताक्षर #मिथिलेश_राय_की_मुक्तक_रचनाऐं सफ़रनामा मधुबन(काव्य संग्रह) मधुशाला(काव्य संग्रह) अनुभूति (काव्य संग्रह) साहित्य उदय (काव्य संग्रह) भाव कलश (काव्य संग्रह-आगमन) शब्दों की उड़ान (काव्य संग्रह) नीलाम्बर आदि
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