मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

आईना ने पलट कर पूछा है …
बता आमदनी का जरिया क्या है …?
/
हम ने भी उठ के कह दिया …
नफ़रत के बाज़ार में मुहब्बत बेचती हूँ …
***
27-04-2019

…सिद्धार्थ…

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मुझे लिखना और पढ़ना बेहद पसंद है ; तो क्यूँ न कुछ अलग किया जाय... लड़ने के लिए तलवार नही कलम को हथियार किया जाय थूक से इतिहास नही लिखा…
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