मुक्तक

नमन मंच
विधा – मुक्तक
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मात्रा भार – २१
अब हकीकत छुपाने से क्या फायदा।
गम को हृदय लगाने से क्या फायदा।
जिन्दगी की ये गाड़ी न रुकती कभी-
अजी जीवन मिटाने से क्या फायदा।।

मात्रा भार – २०
प्यार मिटता नहीं जान लो यार तुम।
प्यार है बंदगी मान लो यार तुम।
प्यार ईश कृपा है न मुंह फेरना-
प्यार बिकता नही मानलो यार तुम।।
—–स्वयंरचित,स्वप्रमाणित
✍️पं.संजीव शुक्ल “सचिन”

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