मुक्तक

जागते आँखों में कोई ख्वाब आया था।
आसमाँ से जमीं पर आफताब आया था।
महक उठा है मेरे मन का हर इक कोना –
लगता है मुझ से मिलने गुलाब आया था।
-लक्ष्मी सिंह

Like Comment 0
Views 5

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing