मुक्तक

जलाये दिल में तेरी याद का, लोबान रखते हैं
दर्द में भी अधरों पर मधुर मुस्कान रखते हैं
उसी की बात होती है, उसी को पूजती दुनिया
जो भारी भीड़ में अपनी, अलग पहचान रखते हैं

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