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मुक्तक स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava

Dr. umesh chandra srivastava

मुक्तक

July 17, 2017

. …. मुक्तक ….

घन श्याम सघन घिर आये
तन मन उमंग भर जाये
उत्तुंग शिखर तक चपला
नभ छूने को ललचाये

स्व- भावानुवादित

Dense dark clouds are claded .
Body and mind warmy animated .
The electric wants to rising high .
Dangled to touching the sky .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ

Author
Dr. umesh chandra srivastava
Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India
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नाम-अंकिता कुलश्रेष्ठ शिक्षा- परास्नातक ( जैव प्रौद्योगिकी ) बी टी सी निवास स्थान- आगरा, उत्तरप्रदेश प्रकाशित रचनाएं- •साझा सदोका व तांका संकलन 'कलरव', साझा हाइकु संकलन 'साझा... Read more