मुक्तक-- **मेरी मां हो **बेटा मैं तुम्हारा**

*** मुक्तक ***
!!मां शेरोवाली, करो सब की रखवाली!!
” दर से तुम्हारे कहां कोई जाता है खाली ।””
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(१)तेरे दर्शन का प्यासा हूं, तेरे दर पे मैं आया हूं।
दे दो दर्शन मुझे मैया, उम्मीदें साथ लाया हूं।
मां हो तुम मेरी मां हो ,बेटा मैं तुम्हारा हूं,
करूं सेवा मै जी भर के ,जगत को छोड़ आया हूं ।।
(२) पहाड़ों पर बसेरा है, सवारी शेर की करती।
भक्त आते हजारों हैं ,झोलियां सबकी ही भरती।
ना मैं कुछ और ही मांगू, यही बस वर मुझको तुम देना।
सृजन का मैं बनूं राही ,संवरती जाए यह धरती ।।
राजेश व्यास अनुनय१७/१०/२०२०

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