Aug 25, 2016 · मुक्तक
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मुक्तक :– माँ सपनों में आ जाती है !!

मुक्तक :– माँ सपनों में आ जाती है !!

व्याकुलता तेरे चिंतन की जब मुझको तड़पाती है !
पल में उदास हो जाता हूँ मैं बेचैनी बढ़ जाती है !
सहलाती सिर को मेरे अपनें ममतामयी हाथों से ;
“माँ” पल्लू से तू हवा लगाती सपनों में आ जाती है !!

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Anuj Tiwari
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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल ,... View full profile
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