मुक्तक :-- बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया ।।

मुक्तक :– बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया ।।

हुस्न वाले ! बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया ।
आज देखो चाँद को भी आसमां मिल ही गया ।
हम चकोरे की तरह दीदार को बैठे ही थे ,
छिप रहा था बादलों के दरमियां मिल ही गया ।।

अनुज तिवारी “इंदवार”
उमरिया
मध्य-प्रदेश ॥॥
स्वरचित

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