मुक्तक :-- तेरे पायल की छन्कार मुझको यहाँ बुलाती है !!

मुक्तक :– तेरे पायल की छन्कार मुझको यहाँ बुलाती है !!

मै जब उदास हो जाता हूँ ,तनहाई तडफाती है !
तेरे पायल की छनकार ,मुझको यहाँ बुलाती है !
इन बागों इन गलियों मे , तेरे साये मीठी यादों के ,
यहाँ सावन की बौछार , मुझको बहुत रुलाती है !!

Like Comment 0
Views 179

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing