Skip to content

मुक्तक (डॉ. विवेक कुमार)

Dr. Vivek Kumar

Dr. Vivek Kumar

मुक्तक

March 18, 2017

जीत की न हार की
बात केवल प्यार की,
आप साथ हो अगर
क्या पड़ी बहार की।

आप मुस्कुरा दिए
ज्यों झड़ी फुहार की,
देह आपकी की कनक
चोट ज्यों सुनार की।

डॉ. विवेक कुमार
तेली पाड़ा मार्ग, दुमका-814 101
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित।

Share this:
Author
Dr. Vivek Kumar
नाम : डॉ0 विवेक कुमार शैक्षणिक योग्यता : एम0 ए0 द्वय हिंदी, अर्थशास्त्र, बी0 एड0 हिंदी, पी-एच0 डी0 हिंदी, पीजीडीआऱडी, एडीसीए, यूजीसी नेट। उपलब्धियाँ : कादम्बिनी, अपूर्व्या, बालहंस, चंपक, गुलशन, काव्य-गंगा, हिंदी विद्यापीठ पत्रिका, जर्जर-कश्ती, खनन भारती, पंजाबी-संस्कृति, विवरण पत्रिका,... Read more
Recommended for you