Jul 4, 2016 · मुक्तक
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मुक्तक :– चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !!

मुक्तक :– चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !!

चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !
साँस ! मेरी हर पहर अहसान की प्यासी रही !
प्यार से जिसको नवाजा उम्र भर एक आस में ,
वो तो हमदम हमनसी शमशान की प्यासी रही !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

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Anuj Tiwari
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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल ,... View full profile
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