.
Skip to content

मुक्तक :– ग़म का साझेदार बना मुझे …….!!

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

मुक्तक

July 12, 2016

मुक्तक :– ग़म का साझेदार बना मुझे ……!!

सात जन्म की पट्टेदारी संग तेरे सौ वार लूँ !
गम का साझेदार बना मुझे हर गम मै संघार लूँ !
गर काल तुझे लेने आये मौत खड़ी हो द्वार पे ,
सीना अड़ा के सामने मौत को स्वीकार लूँ !!

Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more
Recommended Posts
गीत - जी लूँ जरा सा
गीत - जी लूँ जरा सा ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ मुझे लग रहा मैँ मनुज हूँ मरा सा तुझे देख लूँ आज जी लूँ जरा सा खोई खुशी... Read more
मुक्तक
थोड़ा होश है मुझे थोड़ी सी मदहोशी है! मेरी तन्हाई में यादों की सरगोशी है! शामों-सहर रुलाती हैं करवटें इरादों की, रंग है ख्वाबों का... Read more
मुक्तक
थोड़ा होश है मुझे थोड़ी सी मदहोशी है! मेरी तन्हाई में यादों की सरगोशी है! शामों-सहर रुलाती हैं करवटें इरादों की, रंग है ख्वाबों का... Read more
मौत मौत मौत
मौत मौत, मौत, मौत, आखिर क्या है यह मौत हर तरफ यही सुन रहा हुँ मै आज वो मरा कल वो मरा यही सुन रहा... Read more