Aug 31, 2016 · मुक्तक
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मुक्तक :– ज्यामिति विद इंसानियत

मुक्तक :– ज्यामिति विथ इंसानियत

अधिककोण जैसे अकड़ोगे तो उल्टा गिर जाओगे !
न्यूनकोण से झुकने में आखिर कब तक शर्मओगे !
उल्टा-सीधा होने पर समकोण समझ में आयेगा ,
दृष्टिकोण से नज़र हटी तो जीवन भर पछताओगे !!

एक बिंदु में स्थिर हो कर जब तुम ध्यान लगाओगे !
मंजिल के रस्ते अक्सर सीधी रेखा में पाओगे !
त्रिकोण नहीँ चौकोण नहीँ जो कोने तक ही सीमित हो ,
बनना है तो वृत्त बनो तुम हरदम पूजे जाओगे !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

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Anuj Tiwari
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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल ,... View full profile
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