मुक्तक · Reading time: 1 minute

“मुक्तक”- ( आईना सच्ची तस्वीर…. )

“मुक्तक”- ( आईना सच्ची तस्वीर…. )
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आईना सच्ची तस्वीर दिखलाता है।
संग स्वच्छ रहना भी हमें सिखलाता है।
भले वह शीशे का ही क्यों ना बना हो,
पर पत्थर दिल बनने से हमें बचाता है।

अजित कुमार “कर्ण”
किशनगंज ( बिहार )
दिनांक : 21-07-2021.
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