मुक्तक · Reading time: 1 minute

“मुक्तक”(वो क्या चाहता)***

“मुक्तक”(वो क्या चाहता)
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

जो ऐसा कर रहा है , आखिर वो क्या चाहता ।
मुक्त रूप से लिखे सब, किसी का क्या जाता।
मगर सबके आस को और प्रयास को गिरा रहा,
ऐसा करना, क्या? किसी नव- कवि को भाता।

स्वरचित सह मौलिक
……✍️ पंकज “कर्ण”
……………कटिहार।।

4 Likes · 161 Views
Like
You may also like:
Loading...