*मीत बना ग़म*

सबके दिल में जो जीते
ज़ख्म जिया के जो सीते
मीत बना ग़म है उनका
आँसू जग में जो पीते

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*काव्य-माँ शारदेय का वरदान * Awards: विभिन्न मंचों द्वारा सम्मानित
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