May 3, 2021 · कविता
Reading time: 1 minute

मीठे औषधीय बोल

मीठे औषधीय बोल
****************
मीठे बोल
औषधि समान होते है,
सिर्फ़ तन मन ही नहीं
या खुद के लिए ही नहीं
घर,परिवार, समाज के लिए
टानिक समान होते हैं।
बस मीठे और संतुलित बोल
बोलकर तो देखिए,
अपनी आदत में शुमार कीजिए
आपको एहसास हो जायेगा,
मीठे बोल के औषधीय गुणों का
मूल्य समझ में आ जायेगा।
बिना श्रम अमृत सदृश
अपना भाव बतायेगा,
खुशियों का संसार
आपके कदमों में ही नहीं
आपके आस पास भी
खिलखिलायेगा,मुस्करायेगा।
● सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा(उ.प्र.)
8115285921
©मौलिक, स्वरचित

1 Like · 2 Comments · 7 Views
#27 Trending Author
Sudhir srivastava
Sudhir srivastava
541 Posts · 3.3k Views
Follow 3 Followers
संक्षिप्त परिचय ============ नाम-सुधीर कुमार श्रीवास्तव (सुधीर श्रीवास्तव) जन्मतिथि-01.07.1969 शिक्षा-स्नातक,आई.टी.आई.,पत्रकारिता प्रशिक्षण(पत्राचार) पिता -स्व.श्री ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव... View full profile
You may also like: