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मिल जाये तो अच्छा है |

पुष्पराज यादव

पुष्पराज यादव

मुक्तक

July 14, 2016

सफर में हमसफर का साथ, मिल जाये तो अच्छा है |
अगर इक हाथ में इक हाथ, मिल जाये तो अच्छा है |
जिसे जीते थे उनके इश्क में, काश वो फिर से ;
सुहाना दिन सुहानी रात, मिल जाये तो अच्छा है |

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Author
पुष्पराज यादव
एक हिन्दी कवि एवं लेखक जो कविता, गीत, गजल, मुक्तक, दोहा, छंद रचनाकार श्रंगार रस एवं युगधर्म प्रधान कवि | हिन्दी साहित्य विद्यार्थी|
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