मिलन का डर

किसे खोजता है मन
किसकी तलाश है ।
ऐसा क्यों लगता है ,
कि वो आसपास है ?
मिलने की चाह है
पर ड़र लगता है ।
सुना है वो ले लेता है
सारे दर्द ।
मिटा देता है सारे गम ।
मेरी ज़िदगी ,मेरी दुनियाँ
और उनके दर्द –ओ –गम
मेरे दर्द के अज़ीज़ रिश्ते
सब खो जाएँगे तो
मेरे वजूद का क्या होगा ?

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