Sep 4, 2017 · कविता
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मिलने का टाइम….

एक हसीना ने थप्पड़ रसीद कर दिया जब…
पुछा जो दोस्त से के क्या हुआ ये सब…..
गाल पे थप्पड़ पाँचों उँगलियों के हैं निशाँ….
क्या कर दिया जुलम तुम्हारी जानेंजानां…
बोला कमसिन नादां है शर्माती है सबके सामने…
हिसाब से बोली है शाम 5 बजे आ जाना मुझसे मिलने….

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CM Sharma
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उठे जो भाव अंतस में समझने की कोशिश करता हूँ... लिखता हूँ कही मन की... View full profile
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