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मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल..

Neeraj Chauhan

Neeraj Chauhan

मुक्तक

July 8, 2017

मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल,
कभी पाते भी हो, तो बहुत कुछ गवांकर
सहज नहीं हैं मेहनत का फल चुटकी में मिल जाना,
कभी हँसते भी हो, तो खुद को बहुत रुलाकर..

– नीरज चौहान

Author
Neeraj Chauhan
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।
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