माहिया गीत

तुम बिन सूना जीवन
वक़्त नहीं कटता
तन्हा मन का आँगन

तुम ही तो थे अपने
पकड़ नेह डोरी
बुन डाले थे सपने
अब टूट गया बंधन
वक़्त नहीं कटता
तन्हा मन का आँगन

मैंने था प्यार किया
जब तुम सँग थे तो
जीवन भरपूर जिया
है पास तुम्हारे मन
वक़्त नहीं कटता
तन्हा मन का आँगन

सपनों में आते हो
आँखें खुलते ही
ओझल हो जाते हो
दे जाते हो अँसुवन
वक़्त नहीं कटता
तन्हा मन का आँगन

24-08-2020
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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