कविता · Reading time: 1 minute

मार डाला मासूम ने

कितनी मासूम थी वह,
जिसमें ताकत थी,
मुझे जीते जी-
मार डालने की,
खता किसकी थी?
हमने जाना नहीं,
लेकिन
इतना जान पाया,
मेरी ख्वाब ने,
मार डाला ।

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