Nov 21, 2017 · कविता
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मान है बेटी सम्मान है बेटी

मान है बेटी सम्मान है बेटी
घर के आंगन में मुस्कान है बेटी
माता पिता की पहचान है बेटी
एक नही दो घरों का ईमान है बेटी

कई रिश्तों का नाम है बेटी
भाई की सुनी कलाई में राखी का नाम है बेटी
बुढापे में माता पिता का सहारा है बेटी
संस्कारों की पूँजी है बेटी
वंश का अस्तित्व है बेटी

भूपेंद्र रावत
17/11/2017

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Bhupendra Rawat
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