मान के बदले मान

भला है या बुरा कोई न हम पहचान पाते हैं।
किसी के दिल में क्या है चोर कब ये जान पाते हैं।
बहुत ही जाँचे-परखे तो हमें भी ये समझ आया,
कि जितना मान दें औरों को उतना मान पाते हैं।

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मैं विनय कुशवाहा 'विश्वासी' देवरिया (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ। मैं अभी कवि जैसा बनने...
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