*मानसून*

आसमान में बादल छाए
वसुधा मनहर राग सुनाए
है झूम रहा खुशियों में मन
बरखा के अब दिन हैं आए
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

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*काव्य-माँ शारदेय का वरदान * Awards: विभिन्न मंचों द्वारा सम्मानित
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