कविता · Reading time: 1 minute

मातृ दिवस

गीतमाला छन्द
2122 2122 2122
धूप जैसी जिंदगी तपती हमारी।
सर्द शीतल छाव सी ममता तुम्हारी।
नेह का काजल नयन में माँ लगाती।
और लोरी से हमें बिस्तर सुलाती।

अदम्य

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