माटी का कर्ज

जिस माटी में जन्म लिया, चुकाना उसका कर्ज है ।
देश हित में सोचना , यह हम सबका फर्ज है ।।

हर भारत वासी खुश रहे, यही ईश से अर्ज है ।
संकट में साथ खड़े रहे, यही खुशहाली की मर्ज है ।।

भारत देश विश्व गुरु है, यह संसार ने पहचाना है ।
विविधता में एकता होती है, यह सबने जाना है ।।

प्रेम स्नेह भाईचारा अपनाकर, सबको मुस्कुराना है ।
सत्य धर्म के पथ से, कभी न विचलित होना है ।।
।।जेपीएल।।

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J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS) , MA (POLITICAL SCIENCE) "कविता लिखना...
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