मां

मां की कही हर बात को याद करके,
सुकून मिलता है बड़ा,
उनके चरणों में बसर करके,
यूं तो व्यस्त रहती हूं,
अपने कामों में,
पर खुशी मिलती हैं,
उनके पास ठहर करके,
उस वक्त मेरी सारी थकान,
यूं गायब हो जाती हैं,
जब मां मेरा सिर ,
अपनी गोद में रख उसे
सहलाती हैं,
मां की ममता का जादू ,
मेरी परेशानियों को हर लेता हैं,
मेरा मन उनकी ममता के नगर में,
भ्रमण कर लेता हैं,
मां बहुत ही सौम्यता से,
मेरे मन को शांत करती हैं
वो मेरे जहन में,
सुकून ,शांति और स्नेह के,
रंग भरती है।

नाम- अंकिता जैन
शहर- अशोक नगर-473331(म.प्र)

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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