23.7k Members 49.9k Posts

मां

मां संग सब जहान है
मां बिन सब श्मशान है!
मां है तो मैं हूं
मां संग अस्तित्व है मेरा!
एक साझा रिश्ता है मां
कभी सहेली कभी मां ऐसा अनोखा बंधन है मां!
कभी प्यार कभी डांट
कभी हंसी कभी मजाक
ऐसा अटूट विश्वास है मेरी मां!
मेरा दिल मेरी धड़कन
मेरा संसार है मेरी मां!
बिन कहे बिन बोले सब कुछ जानने वाली
मेरा हर कदम पर साथ देने वाली
आठवां अजूबा है मेरी मां !

“मां जैसा कोई हो नहीं सकता
ना हम मां जैसे हो सकते
मां के प्यार से बड़ी संसार में कोई दौलत हो नहीं सकती”

– मनीषा भारद्वाज
पानीपत

This is a competition entry.

Competition Name: "माँ" - काव्य प्रतियोगिता

Voting for this competition is over.

Votes received: 27

7 Likes · 28 Comments · 180 Views
Manisha Bhardwaj
Manisha Bhardwaj
Panipat
12 Posts · 1.5k Views
Student IB (PG) college panipat