गीत · Reading time: 1 minute

मां बाप

बाप की उंगली छूटी तो मां का आंचल भुला दिया।
जिसने बचपन में आंसू पोंछे आज उसी को रुला दिया।।

जिस आंचल में छुप कर तू बचपन में सोया करता था।
जिसके सीने से लग कर तू जार जार रोया करता था।।
भूल गया उस थपकी को जब मां ने तुझे सुला दिया।
जिसने बचपन में आंसू ……….

जिस बाप ने उंगली थाम तेरी चलना तुझको सिखलाया था।
ठोकर लगने से पहले ही जिसने सीने से अपने लगाया था।।
आज जब वह लड़खड़ा रहा तूने उसको भी भुला दिया।
जिसने बचपन में आंसू ……..

मां बाप का साया जिसके सिर पर और कंधे पर हाथ है।
दुनिया से लड़ जाने की ताकत बाहुबली का बल साथ है।।
फिर तूने तो अपना साया ही खुद से ही जुदा करा दिया।
जिसने बचपन में आंसू …..

तकदीर तेरी बनाने वाले की तकदीर में अब तो आंसू है।
यह कुदरत तुझे भी ना बख्शेगी तकदीर में तेरे आंसू है।।
देखकर उनकी तड़प को फिर भी क्यों उनको तूने अकेला किया।
जिसने बचपन में आंसू पहुंचे आज उसी को रुला दिया।।

बाप की उंगली छूटी तो मां का आंचल भुला दिया।
जिसने बचपन में आंसू पोंछे आज उसी को रुला दिया।।

वीर कुमार जैन
22 जुलाई 2021

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