दोहे · Reading time: 1 minute

मां की ममता

मां की ममता का नहीं, मैं कर सकूँ बखान।
मां की ममता है अनमोल, वो देती हमें वरदान।।

इस संसार में सबसे बड़ा, है माँँ का स्थान।
मां कि सेवा जो करते हैं, तो खुश होते हैं भगवान।।

बच्चों का कष्ट हरतीं, सदा रखती हैं ख्याल ।
सीख अनोखी देतीं, जीवन बन जाती निहाल।।

जीवन जगत के मूल में, मां की ममता है कुर्बान ।
प्यार लुटाती बच्चों पर, अपनेपन की पहचान।।

जब कुम्हार माटी मथे, तब देता है आकार।
परवरिश माँ वैसे करें, जिसे संसार करता स्वीकार ।।

सबकुछ अपना दे दे, तो भी मां का न कर्ज चुकाय।
ऐसे मां को नमन करें, है सभी से अभिप्राय।।

#किसानपुत्री_शोभा_यादव

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