माँ

माँ
तुम
जननी
हो जीवन
जन्म दायनी
कितनी पावन
सादर नमन है।

हे
माता
तुमसे
ही जीवन
संभव हुआ
मातृ दिवस पे
आज तुम्हे वंदन।


मेरी
जननी
तुम से है
मेरा जीवन
तुम्ही ईश्वर हो
तुम्हे प्रणाम मेरा।

✍संध्या चतुर्वेदी
#मथुरा उप
#वर्ण_पिरामिड़

This is a competition entry

Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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