कुण्डलिया · Reading time: 1 minute

माँ

कितने सारे रंग हैं , देखो माँ के पास
तभी करे परिवार को, रँग भरा केनवास
रँग भरा केनवास, सजाती है ये घर घर
देती प्यार दुलार, लुटाती ममता सब पर
रखती त्याग प्रधान, काम करती है जितने
माँ होती भगवान, रूप धर लेती कितने

डॉ अर्चना गुप्ता

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डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी तो है लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद भी, गूँजेगी आवाज" माता- श्रीमती निर्मला अग्रवाल पिता- स्मृति शेष डॉ राजकुमार अग्रवाल शिक्षा-एम०एस०सी०(भौतिक शास्त्र),…
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