माँ

माँ का नहीं कभी दिल भूले से भी दुखाना
माँ तो जहाँ का सबसे अनमोल है खज़ाना

होते उदास बच्चे माँ भी उदास होती
बच्चों का मुस्कुराना ही उसका मुस्कुराना

आती खरोंच कोई बच्चों को भी जरा सी
होता बहुत ही मुश्किल माँ से ये देख पाना

गम की हों आँधियाँ या फिर दर्द की हो बारिश
आँचल ही माँ का सबसे महफूज़ शामियाना

माँ बाँटती ही रहती होती कभी न खाली
लगता दुआओं का हो वो जैसे कारखाना

हम जानते नहीं थे संगीत गीत क्या हैं
आया था लोरियों से ही हमको गुनगुनाना

हों ‘अर्चना’ गए अब कितने ही हम बड़े हैं
पर याद माँ का आता दे थपकियाँ सुलाना

19-01-2016
डॉ अर्चना गुप्ता

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