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** माँ **

Neelam Ji

Neelam Ji

मुक्तक

June 27, 2017

जब से होश संभाला मैंने ,
माँ तुमको ही जाना है ।
दुनिया चाहे जो भी समझे ,
शुरू तुझ से हर फ़साना है ।।

माँ की ममता का मोल नहीं ,
ये अनमोल खजाना है ।
खुद चाहे सौ संकट झेले ,
संकट बच्चों तक नहीं आना है ।।

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Author
Neelam Ji
मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।
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