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माँ

१) नौ माह पाला गर्भ मे, मिली है तुझसे श्वास
रब को कभी देखा नहीं, तुझमे है विश्वास
२) तिल तू मरती रही, पल पल निकली जान,
दर्द का जिक्र करे नहीं, माँ तू कितनी महान
३) तू है पहला गुरु मेरा, तूने सिखाये बोल
तेरी भक्ति तेरी दया से, जीवन बना अनमोल
४) तेरे हाथो मे रहमत है, नजर मे है वरदान
तेरी कृपा से दुर्योधन, मोम से बना पाषाण
५) कृष्ण भी हैरान है, है दतात्रेय हैरान
अमृत के रूप मे, किया जब स्तनपान
७) पुछा खुदा से मैंने, क्या है तेरे रूप
किया इशारा माँ की और, बोले ये मेरा स्वरूप
६) तेरे बारे क्या लिखे, प्रवीण कुमार नादान
धन्य हुआ सारा जगत, पा रब से यह वरदान

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प्रवीण कुमार सोलंकी
प्रवीण कुमार सोलंकी
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