23.7k Members 50k Posts

माँ

माँ तुमको मैं कैसे लिख दु तुम शब्दो मे कैसे आओगी …
अपना सबकुछ देकर बस मुझमे खुद को पाओगी ..
माँ तुमको मैं……..

कैसे बिताये हैं तुमने वो दिन माँ जब हमें होश न था
हमें सुलाकर सुखे मे खुद को गंदगी का अफसोस न था
जहाँ कहीं भी देखना माँ मुझको चरणो मे पाओगी …
माँ तुमको मैं……..

लिख दु चाहे वनो पत्तियो पर और सागर की स्याही से
मेरी माँ लिखी ना जाएं इस जीवन की भरपाई से ..
जहां भी रख दे इस टुकड़े को खुद का प्रतिबिंब पाओगी
माँ तुमको मैं…………

मेरी दूर्गा मेरी शारदा मेरी सांस ह्रदय और तकदीर हो तुम
तुम्ही जीने का तरीका मेरी भाग्य कर्म की लकीर हो तुम
तेरी सीख है मेरा तन मन सब माँ भारती मे पाओगी
माँ तुमको मैं ………

लक्ष्मी नारायण उपाध्याय (अध्यापक )JMA
साहवा जिला चुरू राजस्थान

This is a competition entry.
Votes received: 108
Voting for this competition is over.
14 Likes · 50 Comments · 969 Views
Laxminarayan Upadhyay
Laxminarayan Upadhyay
Sahawa
16 Posts · 1.5k Views
लक्ष्मी नारायण उपाध्याय S/O महावीर प्रसाद उपाध्याय साहवा तहसील तारानगर ,चुरू राजस्थान अध्यापक G.U.P.S. देवासर...
You may also like: