Nov 11, 2018 · कविता
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माँ….

माँ…..
जिसने मुझको जन्म दिया
बड़े ही प्यार दुलार से मेरा पालन पोषण किया
मेरी नटखट शैतानियों को भी
नजरअंदाज कर मुस्कुरा दिया
ममता का सारा सागर मुझ पर लुटा दिया
मैने जीवन का पहला शब्द माँ ही कहा
मेरा नाता है उससे बड़ा गहरा
मै अंश ही हूँ उसका
माँ सिर्फ शब्द नही उसमे मेरी दुनिया समाती है
अल्फाज बेशक कम हो पर
मेरा चेहरा देख मन के भाव पढ़ जाती है
जब भी होता हूँ दुखी
गोद मे रख सर उसके चैन की नींद आती है
आँचल मे समेट सारे गम प्यार से माथा सहलाती है
हाँ तू ही है वो जिसने मुझे जीवन जीना सीखा दिया
आज तू नही है तेरी यादों का सहारा है
जब भी माँ कहता हूँ आता सामने चेहरा तुम्हारा है
ईश्वर तो मैने देखा नही तू ही है उसकी जगह
तू ही खुदा और इस जँहा मे सबसे बड़ी तेरी दुआ…….

#निखिल_कुमार_अंजान……

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शब्दों से प्यार करता हूँ लिखने का शौक रखता हूँ... View full profile
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