कविता · Reading time: 1 minute

माँ

माँ

धरती माँ से प्यार है मुझे,
उसकी कोख का मान करूँगा |
जिस माँ ने जन्म दिया,
उसका मै सम्मान करूँगा ।।

सांसे जिसकी बदौलत मिली,
ये रंग रूप ये शोहरत मिली,
न्योछावर किया जिसने सबकुछ,
क्यो ना उसका सम्मान करूँगा ।।

माँ बन कर मेरी बहने संभालती
है अपने घरों को ऐसी बहनो का
माँ रूप मे सम्मान करूंगा ।।

माँ है मेरी सहभागिनी परी जैसी
बेटी की ऐसी सहभागिनी का
सम्मान करूंगा।।

माँ का वजूद है हर नारी मे छुपा
दुनिया की हर नारी का दिल से
सम्मान करूँगा ।।

दुनिया की हर नारी किसी ना
किसी रूप मे जननी है हर
औरत का मान करूँगा ।।

©पूरन भंडारी सहारनपुरी

मैं, (पूरन भंडारी ), स्वप्रमाणित करता हूँ कि प्रविष्टि में भेजी रचनाये नितांत मौलिक हैं, तथा मैं इस काव्य रचना को प्रकाशित करने की अनुमति प्रदान करता हूँ, रचना के प्रकाशन से यदि कापीराईट का उल्लंघन होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी ।

पूरन भंडारी सहारनपुरी
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