Nov 4, 2018 · कविता
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माँ

माँ
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माँ ममता की खान, स्नेह की प्यारी मूरत।
माँ मन के अरमान, प्यार की भोली सूरत।
खूब लुटाए प्यार,कष्ट हरती सब मन के
माँ के आंचल बीच, मिलें मोती जीवन के।

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सारी सारी रात, नींद आँखों की खोई।
दिया बिछौना शुष्क, स्वयं गीले में सोई।
अपने मुँह का कौर, खिलाया तुम को भाई।
आज लगे है भूत, तुम्हें माँ की परछाई।
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पल पल बीती याद, सताती है जीवन की।
ढलती जीवन साँझ, याद आती बचपन की।
कहीं धूप में ठौर, कहीं पीपल की छाया।
माँ की ममता साथ, रही बनकर हमसाया।
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माँ का सर पे हाथ, न कोई विपदा आए।
माँ की ममता साथ,ख़ुशी जीवन में छाए।
माँ ममता की धार, सुधा रस पीजै सुखकर।
जीवन का वरदान,लीजिए माँ से झुककर।
——————————- —:सत्यवान सत्य:–

फोन नं :– 9416968767

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Satyavan Satya
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