माँ सपनों की रानी है

***** गीत *****
माँ सपनों की रानी है
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माँ अम्बर है, माँ अमृत है!
माँ गंगा की धारा है !!

माँ ही धरती, माँ ही ईश्वर
माँ ममता की मूरत है !

माँ ही लोरी , माँ ही गौरी
माँ सपनों की रानी है !

माँ ही उपवन , माँ ही स्वपन
माँ फूलो की क्यारी है !

माँ ही चंदा , माँ ही सूरज
माँ सावन की रिमझिम है!

माँ ही भक्ति , माँ ही शक्ति
माँ करूणा की देवी है !

माँ ही छाया , माँ ही काया
माँ में जन्नत समाया है !

माँ के चरणों में आ “सागर”
स्वंय ईश्वर झूक मुस्काया है!!
*********
प्रस्तुत रचना मौलिक व अप्रकाशित है …..
गीतकार … डाँ. नरेश कुमार “सागर”
9897907490
E.mail…nsnareshsagar1 @gmail.com

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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