माँ वंदना

?????मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ?????
★ माँ वंदना ★
माँ के चरणों में समर्पित

हे ! जन्मदात्री, तेरी जय ! हो,
ममतामयी, चरणों में वंदन।
शत शत नमन करूँ माँ तुझको,
स्वीकार करो ! माँ अभिनन्दन।।

ए पतित पावन हृदयी माता,
गीत नित-नित विनय गाऊँ मैं।
निश्छल-गाथा प्रेम-भाव जग
अक्षर-अक्षर शीश झुकाऊँ मैं।।

सतयुग त्रेता द्वापर कलयुग,
हर युग तू अलग कहानी है।
देवों ने भी चरण पखारे,
हर लोक तू श्रेष्ठ प्राणी है।।

दीपदान का भाव समर्पण,
तेरा इतिहास बताता है।
वहीँ शिवा सा पालन पोषण,
जग में इतिहास बनाता है।।

जय ! राम-रहीम यीशु गुरु,
सैनिक माता की जय बोलो।
माँ का साया सर बना रहे,
मन आदर भाव हृदय घोलो।।

अंत विनय हे ! “माँ लीला” यह,
आशीष कृपा नित बरसाओ।
जब जनम लिखा हो धरती पे,
हर जनम मात “जय” बन जाओ।।

संतोष बरमैया ” जय”

Like Comment 0
Views 15

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing