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माँ मैने क्या कसूर किया

krishan saini

krishan saini

कविता

January 20, 2017

माँ मैने क्या कसूर किया
जो तुने मुझे छोड दिया
एकांत में मरने के लिए
इस बीहड़ जंगल में डाल दिया
में तो चाहती थी इक कोना
तेरी ममतामयी गोद में सोना
पर विधाता ने नही लिखा
मेरे भाग्य में ऐसा होना
माँ मैने क्या कसूर किया
जो तुने मुझे छोड़ दिया।
क्या कसूर इतना किया
लड़की के रूप में जन्म लिया
पर माँ आपने भी तो कभी
लड़की के रूप में ही जन्म लिया
माँ मैने क्या कसूर किया
जो तूने मुझे छोड़ दिया।
माँ में कोई जिद न करती
तेरे साथ ही में काम करती
पर नही था भाग्य में मेरे
इस धरती पर रहना
माँ मैने क्या कसूर किया
जो तूने मुझे छोड़ दिया।
जन्म तूने मुझे दिया है माँ
फिर खुद से दूर क्यों किया है माँ
हु में तेरी राजदुलारी
तूने ही मुझे अपना अक्स दिया
माँ मैने क्या कसूर किया
जो तूने मुझे छोड़ दिया।
तेरे घर के ऊपर आसमान में
तारा इक बन जाउंगी माँ
तेरे आँगन को चमकाकर
अपनी यादे छोड़ जाउंगी माँ
माँ मेने क्या कसूर किया
जो तूने मुझे छोड़ दिया

Author
krishan saini
पता-विराटनगर जयपुर(राजस्थान) जीवन को मॉ शारदे की सेवा मे लगाने का सपना Mo.no.-9782898531 Twitter-krish24496
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