May 13, 2017 · कविता
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माँ मेरी माँ

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माँ मेरी माँ,
मुझे छोड़ के मत जाओ
कुछ दिन तो मेरे साथ बिताओ।
माँ मैं तुम बिन अकेली हो जाती हूँ,
जब तुम साथ होती है तो ,
जिन्दगी के हर पल हसीं हो जाती।
तेरे जाते ही कुछ कमी रह जाती है।
माँ बेटियाँ क्यों परायी होती है माँ,
तू मेरे साथ क्यों नहीं रहती है माँ,
वो अधिकार क्यों नहीं मुझ पर,
जो तू बेटों पर रखती है माँ।
माँ तुम बहुत याद आती हो माँ।
तेरे बिना मेरी दुनिया में
कुछ कमी है माँ।
????—लक्ष्मी सिंह??

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लक्ष्मी सिंह
लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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