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माँ मेरा मन

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

March 30, 2017

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माँ मेरा मन,
तेरी गोदी ढूंढता है।
माँ मेरा तन,
तेरी वही स्पर्श चाहता है।
माँ मेरा अन्तस,
हर पल तुझे पुकारता है।
तू आ जाये काश अभी,
हर पल ये सोचता है।
????—लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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