माँ ( माँ से बढ़कर कोई रिश्ता हैं नहीं )

माँ के बिना यह दुनियां है नहीं ,
माँ से बढ़कर कोई रिश्ता है नहीं।

माँ की ममता है सबसे निराली,
जिसको मिले वो है भाग्यशाली।

माँ होती भगवान से भी बढ़कर,
भूल से ना करना इसका निरादर।

औलाद के लिये क्या नहीं करती,
अपने से पहले सबका पेट भरती।

बच्चों से जुदाई ये सह नहीं पाती,
मुश्किलों में भी माँ साथ निभाती।

ममता का मूल्य चुकाना मुश्किल,
माँ का बिछड़ना भुलाना मुश्किल।

मनदीप मिले ना जिसको माँ का प्यार,
उसको समझ नहीं पाता यह संसार।

मनदीप गिल्ल धडाक,
गांव धड़ाक, मोहाली, पंजाब।
फोन नं. 998811134

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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